रुपये पर महंगाई की मार: कच्चे तेल की तेजी से डॉलर के मुकाबले 95.20 पर पहुंचा ऐतिहासिक निचला स्तर

दैनिक बुलन्द मंज़िल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब भारतीय मुद्रा पर साफ दिखने लगा है। रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा दबाव डालती हैं। इससे विदेशी मुद्रा की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव बनता है।
रुपये की इस गिरावट का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ने वाला है। पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली, तो रुपये में और कमजोरी आ सकती है। फिलहाल बाजार की नजर सरकार और रिजर्व बैंक की नीतियों पर टिकी हुई है, जो इस स्थिति को संभालने के लिए कदम उठा सकते हैं।
