दैनिक बुलन्द मंजिल: ईरान-अजरबैजान बॉर्डर पर फंसे 180 भारतीय छात्र, घर लौटने की उम्मीद धुंधली

दैनिक बुलन्द मंजिल:
जंग के बीच गुजरता हर दिन पहले से ज्यादा भारी है। न चैन से सो पा रहे हैं, न जी पा रहे हैं। हमें तो रोज के खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हमारी मेंटल हेल्थ दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। अब बिल्कुल लाचार महसूस कर रहे हैं। ये भी नहीं जानते कि आगे क्या होने-वाला है।‘ ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहीं कश्मीर की फलक घर नहीं लौट पा रहीं। वो तेहरान से तो सुरक्षित निकल गईं, लेकिन ईरान और अजरबैजान बॉर्डर पर अस्तारा चौकी के पास फंसी हुई हैं। बॉर्डर पर वो अकेली नहीं हैं। उनके साथ ही 180 भारतीय स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं। इनकी शिकायत है कि एंबेसी ने टिकट और वीजा कराने को कहा था, जिसके बाद कोम शहर से इवैक्युएशन शुरू हुआ लेकिन अजरबैजान के बॉर्डर पर आकर फंस गए। न कंट्री कोड मिला और न घर लौट सके। बुक कराए फ्लाइट टिकिट भी बर्बाद हो गए, लेकिन एंबेसी से कोई
