दैनिक बुलन्द मंजिल : आज मां शैलपुत्री की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, भोग, मंत्र, विधि और कथा

दैनिक बुलन्द मंज़िल आज से पावन पर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और इन्हें शक्ति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। भक्त इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
शुभ मुहूर्त:
आज घटस्थापना और पूजा के लिए सुबह का समय बेहद शुभ माना जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना विशेष फलदायी होता है।
भोग:
मां शैलपुत्री को शुद्ध घी का भोग अर्पित किया जाता है। ऐसा करने से स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
मंत्र:
“ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः”
इस मंत्र का जाप करने से जीवन में शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पूजा विधि:
सबसे पहले कलश स्थापना करें, फिर मां शैलपुत्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर फूल, अक्षत, रोली और दीप अर्पित करें। इसके बाद मंत्रों का जाप और आरती करें।
कथा:
पौराणिक कथा के अनुसार, मां शैलपुत्री पूर्व जन्म में सती थीं, जिन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तप किया था। अगले जन्म में वह हिमालय के घर जन्मीं और शैलपुत्री कहलायीं।
नवरात्रि का यह पहला दिन जीवन में नई ऊर्जा, शक्ति और सकारात्मक शुरुआत का संदेश देता है।
