महिला परिचालकों को नहीं भायी नौकरी, 10 महीने में 58 फीसदी ने छोड़ी नौकरी
दैनिक बुलन्द मंज़िल
रोडवेज बसों में परिचालक पद के लिए महिलाओं का चयन किया जा रहा है, लेकिन कई महिलाओं के लिए यह नौकरी टिकाऊ नहीं साबित हो रही। बीते 10 महीनों में रोडवेज की ओर से आयोजित पांच रोजगार मेलों में 130 महिला परिचालकों की भर्ती हुई थी, जबकि वर्तमान समय में यह संख्या घटकर सिर्फ 54 रह गई है। यानी 58 प्रतिशत ने नौकरी छोड़ दी है।महिला परिचालकों के अनुसार, इसका प्रमुख कारण सीमित मानदेय के मुकाबले काम का अत्यधिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। परिवहन निगम ने कैंट, काशी, वाराणसी (ग्रामीण), चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र और विंध्य नगर डिपो में पिछले वर्ष फरवरी से संविदा पर महिला परिचालकों की भर्ती शुरू की थी। इन्हें प्रति किलोमीटर 2.02 रुपये के मानदेय पर तैनात किया गया।
