दैनिक बुलन्द मंजिल कि रिपोर्ट: देश में व्याप्त LPG संकट (18 मार्च 2026) को लेकर राजनीति गरमा गई है

दैनिक बुलन्द मंजिल कि रिपोर्ट:
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को सीधे निशाने पर लिया है।
विपक्ष का कड़ा रुख और प्रदर्शन
कांग्रेस का प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज भोपाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों में अनोखा प्रदर्शन किया। भोपाल में कार्यकर्ताओं ने कोयले की बोरियां बांटकर विरोध जताया और संकेत दिया कि गैस की किल्लत के कारण देश फिर से पुराने दौर में लौट रहा है।
आम आदमी पार्टी की ‘सिलेंडर शोभायात्रा’: ने दिल्ली के 250 से अधिक वार्डों में ‘गैस सिलेंडर शोभायात्रा’ निकाली। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि संकट जल्द हल नहीं हुआ, तो देश में 1 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं, क्योंकि हजारों रेस्तरां और होटल बंद होने की कगार पर हैं।
संसद में हंगामा: विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मकर द्वार के सामने ईंटों पर खाना बनाकर और खाली सिलेंडरों के साथ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
सरकार का स्पष्टीकरण और कदम
विपक्ष के हमलों के बीच, सरकार ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए कई बयान जारी किए हैं:
वित्त मंत्री का बयान: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, क्योंकि भारत का 90% LPG आयात ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के रास्ते आता है।
आपूर्ति का दावा: सरकार ने दावा किया है कि देश में LPG का पर्याप्त भंडार है और पिछले 24 घंटों में रिफाइनरियों में उत्पादन 38% बढ़ा है। अधिकारियों ने जनता से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है, क्योंकि बुकिंग में अचानक 59% की बढ़ोतरी देखी गई है।
कालाबाजारी पर कार्रवाई: महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में अवैध भंडारण के खिलाफ छापेमारी जारी है, जिसमें सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
संकट की मुख्य वजहें
ईरान-इजरायल युद्ध: युद्ध की वजह से समुद्री मार्ग बाधित होने से आयात में देरी हो रही है।
पैनिक बुकिंग: संकट की खबरों के बीच उपभोक्ताओं द्वारा एक साथ बुकिंग करने से कृत्रिम किल्लत पैदा हो गई है।
कालाबाजारी: कई क्षेत्रों में सिलेंडरों की कालाबाजारी की रिपोर्टें सामने आई हैं।
वर्तमान में, बिहार के सासाराम जैसे क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। सरकार ने राज्यों को गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह के संकट से बचा जा सके।
