मुरादाबाद मंडल में बढ़ता मानव–तेंदुआ संघर्ष: 2 साल में 10 मौतें, 60 से ज्यादा तेंदुए मारे गए
मुरादाबाद मंडल में पिछले दो वर्षों से मानव और तेंदुए के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार बीते 24 महीनों में तेंदुओं के हमलों में कम से कम 10 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों में हुए टकराव के दौरान 60 से अधिक तेंदुए भी मारे गए हैं। वन विभाग का मानना है कि जंगलों की कटाई और मानव बस्तियों के तेजी से विस्तार के कारण तेंदुए अपने प्राकृतिक आवास से भटककर गांवों, खेतों और शहरों के नजदीक तक पहुंच रहे हैं, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हुई है। हाल ही में मुरादाबाद के हरथला इलाके में एक तेंदुआ घर में घुस गया, जिससे परिवार में दहशत फैल गई।
परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए तेंदुए को बाथरूम में बंद कर दिया और पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। कई घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और सुबह-शाम बाहर निकलना भी जोखिम भरा महसूस हो रहा है। वन विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पिंजरे, ड्रोन कैमरे और प्रशिक्षित टीमों की मदद से अभियान तेज कर दिया है, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
