डीजल संकट से जाम हुई सप्लाई चेन: गुजरात में 1500 ट्रक फंसे, कपड़ा-टाइल्स बाजार पर बड़ा असर

दैनिक बुलन्द मंज़िल:
कानपुर/गुजरात: डीजल की सप्लाई पर लगी सीमा (लिमिट) का असर अब देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। ताजा जानकारी के मुताबिक गुजरात के अलग-अलग इलाकों में करीब 1500 ट्रक फंसे हुए हैं, जिससे कपड़ा और टाइल्स की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में इस स्थिति को लेकर भारी चिंता देखने को मिल रही है।बताया जा रहा है कि डीजल की सीमित उपलब्धता के कारण ट्रक चालकों को लंबी दूरी तय करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों ने एक बार में सीमित मात्रा में ही डीजल देने का नियम लागू कर दिया है, जिससे ट्रक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका सीधा असर कानपुर समेत उत्तर भारत के बाजारों पर पड़ रहा है, जहां गुजरात से आने वाला कपड़ा और टाइल्स बड़ी मात्रा में सप्लाई होता है कानपुर के व्यापारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बाजार में माल की कमी हो सकती है और कीमतों में भी उछाल देखने को मिलेगा। खासकर कपड़ा बाजार और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली टाइल्स की सप्लाई रुकने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।वहीं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, ट्रक चालकों को रास्ते में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है बल्कि अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है। कई ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि उन्हें डीजल भरवाने के लिए कई-कई किलोमीटर तक लाइन में लगना पड़ रहा है। सरकार और प्रशासन से इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की जा रही है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि जल्द ही डीजल सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर देशभर की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है और आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
